शारदा सभ्यता, ज्ञान धरोहर – Sharda Sabhyata, Gyan dharohar
शारदा सभ्यता, ज्ञान धरोहर – Sharda Sabhyata, Gyan dharohar
Paperback ; Publisher : Suruchi Prakashan ;
हिन्दू धर्म पर मुसलमानों, ईसाइयों तथा वामपंथियों का का आक्रमण क्यों?
हिन्दू धर्म पर मुसलमानों, ईसाइयों तथा वामपंथियों का का आक्रमण क्यों?
मारिया वर्थ ने अपने तैंतालीस (43) विचारोत्तेजक लेखों के इस संग्रह में वैचारिक संघर्षों से भरी इस दुनिया में भारत के प्राचीन ज्ञान की आध्यात्मिक गहराई, वैदिक दर्शन की शक्ति और सनातन धर्म की प्रासंगिकता पर चर्चा की है।
दिल्ली का हिंदू इतिहास – Delhi ka hindu ithihaas
दिल्ली का हिंदू इतिहास – Delhi ka hindu ithihaas
यह पुस्तक “दिल्ली का हिंदू इतिहास” दिल्ली की ऐतिहासिक स्मृति और सांस्कृतिक पहचान को पुनः समझने का एक गंभीर और गहन शोधपरक प्रयास है।
गोवा का ईसाई न्यायाधिकरण – Goa Inquisition hindi
गोवा का ईसाई न्यायाधिकरण – Goa Inquisition hindi
यह पुस्तक अनंत काकबा जी की पुस्तक “The Goa Inquisition” का हिन्दी रूपांतर है।
टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? – Tipu Sultan Nayak Ya Khalnayak
यह पुस्तक धर्मनिरपेक्षतावादियों के प्रिय नायक ‘टीपू सुल्तान’ के पीछे की वास्तविकता को उजागर करने वाले लेखों का संग्रह है।
मुस्लिम पृथकतावाद कारण और परिणाम – Muslim Separatism(hindi)
यह पुस्तक ऐतिहासिक विवेचन, बौद्धिक स्पष्टता और सांस्कृतिक गहराई से परिपूर्ण है, जो भारत में मुस्लिम पृथकतावाद की वैचारिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जड़ों एवं उसके दूरगामी प्रभावों का गंभीर विश्लेषण करती है।
घर वापसी क्यों और कैसे – Gharwapsi Kyo aur Kaise
घर वापसी क्यों और कैसे – Gharwapsi Kyo aur Kaise
Publisher : Suruchi ; Paperback ; Pages : 156 ; Author : Shree Rajeshwar
गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा – Gow Samvardhan ki Sanatan Vaignanik Parampara
गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा – Gow Samvardhan ki Sanatan Vaignanik Parampara
गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा नामक इस पुस्तक में गौ सम्वर्धन सम्बद्ध विविध तथ्यों का संकलन किया गया है।
इंडिया से भारत एक प्रवास – India se bharat ek pravas
इंडिया से भारत एक प्रवास – India se bharat ek pravas
श्री प्रशांत पोळ की यह पुस्तक भारत की भारतीयता के, स्वाधीन भारत में औपनिवेशिक मानसिकता से चले संघर्ष की समीक्षा है। पाठकों को इसके पठन से, भारत को अपनी शाश्वत नींव पर पक्के खड़े युगानुकूल भारत के रंग-रूप-आकार की अचूक कल्पना करने की दृष्टि तथा उस भारत को साकार करने की शक्ति प्राप्त होगी !
मुद्रा और स्वास्थ्य – Mudra Aur Swastya
भारत के प्राचीन ऋषि मनीषियों ने लम्बी साधना एवं गहन अध्ययन के द्वारा शरीर को स्वस्थ एवं दीर्घायु रखने के लिये विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को विकसित किया। उनमें से “मुद्रा विज्ञान” एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसमें हाथों की अंगुलियों व अँगूठे के उपयोग के द्वारा ही चिकित्सा का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
संघर्ष का समाधान – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शैली – Sangharsh Ka Samadhan
संघर्ष का समाधान – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शैली – Sangharsh Ka Samadhan
सुप्रसिद्ध लेखक और आरएसएस के जानकार या यूँ कहें इतिहासकार श्री रतन शारदा द्वारा लिखित यह पुस्तक संघ संबंधी साहित्य को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य है। आरएसएस द्वारा समय-समय पर पारित नीतिगत प्रस्तावों के आधार पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष समाधान का मुल्यांकन अथवा आकलन करने में यह पुस्तक एक उत्कृष्ट कृति है।
हिन्द की चादर – नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी – Hind ki Chadar
डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जी द्वारा लिखित यह पुस्तक गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, उनके बलिदान और ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है।
म्यांमार में सनातन समाज का संगठन -सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ- Myanmar Me Sanatan Samaj Ka Sanghatan
म्यांमार में सनातन समाज का संगठन -सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ- Myanmar Me Sanatan Samaj Ka Sanghatan
कई ऐतिहासिक घटनाओं एवं तत्कालीन आप्त परिस्थितियों की मार सहते हुए भी और वहाँ के सर्वथा अलग सांस्कृतिक और धार्मिकता के वातावरण में भी सनातन समाज के लिए समरस होकर सफलतापूर्वक कार्य करने का प्रेरक विकास म्यांमार में सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ एवं इसके प्रचारकों, कार्यकर्ताओं द्वारा हुआ है।
For shipping abroad, kindly WA on + 91 8520999582
भारतीय पर्यावरण चिंतन – Bharteeya Paryavaran Chintan
भारतीय पर्यावरण चिंतन – Bharteeya Paryavaran Chintan
भारतीय संस्कृति में पर्यावरण को संसाधन नहीं, जीवन का प्रथम आधार माना गया है!यह पुस्तक भारत की प्राचीन, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक परंपरा का समग्र प्रस्तुतीकरण है।
भारतीय दृष्टि में नारी चिंतन -Bharteeya Drishti Me Nari Chintan
भारतीय दृष्टि में नारी चिंतन -Bharteeya Drishti Me Nari Chintan
‘भारतीय दृष्टि में नारी चिंतन’ पुस्तक भारतीय संस्कृति, दर्शन और साहित्य के आलोक में नारी की समग्र भूमिका को रेखांकित करने वाला एक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है।
मैं आतिरा (मतांतरण से वापसी: आतिरा से आइशा और फिर आतिरा)
मैं आतिरा (मतांतरण से वापसी: आतिरा से आइशा और फिर आतिरा)
यह पुस्तक मत-परिवर्तन के शिकार हुए लोगों के लिए है, और उनके लिए भी जो धर्म छोड़ने के कगार पर हैं। इस को धैर्यपूर्वक पढ़ने से निश्चित रूप से आप अपने मतांतरण के निर्णय पर पुनर्विचार करोगे।
शिव से श्रोडिंगर – From Shiva to Schrodinger Hindi
शिव से श्रोडिंगर, प्राचीन ज्ञान और समकालीन अंतर्दृष्टि के बीच एक सेतु मात्र नहीं है; यह हमारे ब्रह्मांड और स्वयं की गहरी समझ के मार्ग को प्रकाशित करने वाला एक प्रकाशस्तंभ है। इसलिए, चाहे आप आध्यात्मिक अन्वेषण या वैज्ञानिक खोज की ओर आकर्षित हों, यह पुस्तक एक परिवर्तनकारी परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करती है, जो ज्ञान के लिए आपकी समकालीन खोज को समृद्ध करेगी।
बच्चे आपके, संस्कार किसके? – Bachhe Apke Sanskar Kiske
बच्चे आपके, संस्कार किसके? – Bachhe Apke Sanskar Kiske
इस पुस्तक का अध्ययन अनिवार्य है उन सभी लोगों के लिए, जो भविष्य में दिए जानेवाली शिक्षा को लेकर वास्तव में चिंतित हैं. चाहे वह शिक्षा घर में दी जाये या वैश्विक स्तर पर।
इंसानियत जिन्दा है – Insaniyat Zinda Hai
इस पुस्तक मे 25 सिख परिवारों के साक्षात्कार है , जिनकी रक्षा 1984 के दंगों मे आर एस एस के स्वयंसेवकों ने रक्षा की थी।
Book “Insaniyat Jinda hai” is collection of 25 different interviews of sikh families, who were saved by swayamsevaks during 84 riots.
100 वर्ष संकल्प यात्रा – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 varsh sankalp yatra – Rashtriya Swayamsevak Sangh
100 वर्ष संकल्प यात्रा – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 varsh sankalp yatra – Rashtriya Swayamsevak Sangh
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में प्रवेश का यह पल नि:संदेह, देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज, देश के हर राष्ट्रनिष्ठ नागरिक को गौरव का भान कराने वाला है। 1925 में विजयादशमी के दिन डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा रोपा गया संघ बीज आज विशाल वटवृक्ष बना है तो इसके पीछे अनगिनत स्वयंसेवकों का तप ही है।
यह पुस्तक पठनीय ही नहीं, संग्रहणीय भी है। मात्र 200 पृष्ठों में इसमें गागर में सागर भरने का प्रयास किया गया है। सुधी पाठकों और संघ के बारे में जानने के इच्छुक लोगों को पुस्तक रुचिकर लगेगी, ऐसी आशा है
विभाजन विभीषिका जो बताना जरूरी है
This is the Hindi translation of the book, Now It Can Be Told by Prof AN Bali
बांग्लादेश की मानव त्रासदी 1971 Bangladesh ki maanav traasdi 1971
बांग्लादेश की मानव त्रासदी 1971 Bangladesh ki maanav traasdi 1971
1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में हिंदुओं को छाँट कर अलग किया गया ताकि उनका कत्ल …
खजाने की शोधयात्रा – Khazane Ki Shodhyatra
खजाने की शोधयात्रा – Khazane Ki Shodhyatra
लगभग आठ सौ/नौ सौ वर्ष पहले तक अपना भारत विश्व का सबसे समृद्ध, संपन्न और ज्ञानवान देश था। विश्व का एक-तिहाई से ज्यादा जी.डी.पी. भारत का था।
‘खजाने की शोधयात्रा’ में इन अनछुई बातों को आपके सामने लाया है, इस लोकप्रिय पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ के लेखक प्रशांत पोळ ने, अत्यंत रोचक शैली में !”
