छत्रपति शिवाजी महाराज न होते तो Chhatrapati Shivaji Maharaj na hote tho
वरिष्ठ ऐतिहासिक शोधकर्ता श्री. यह गजानन भास्कर मेहेंदले द्वारा लिखित एक बहुत ही महत्वपूर्ण पुस्तक है जो भारत के मध्यकालीन इतिहास के बारे में कई मान्यताओं को चुनौती देती है।
हिन्दू और हिन्दू धर्म शब्दों के अर्थ और छल Hindu aur Hindu Dharm Shabdon ke arth aur chhal
Author : Sitaram Goel ;Paperback ; Publisher : VOI Aditya Prakashan ;Pages : 48
प्रयागराज कुंभ कथा Prayagraaj Kumbh Katha
प्रयागराज कुंभ कथा Prayagraaj Kumbh Katha
प्रस्तुत पुस्तक ‘प्रयागराज-कुंभ-कथा’ एक ऐसी दिग्दर्शिका है, जिसमें प्रयागराज की गौरव-गाथा का मात्र स्मरण किया गया है।
सचित्र रामायण – Sachitra Ramayan Hindi
सचित्र रामायण – Sachitra Ramayan Hindi
सम्पूर्ण रामायण को समग्र रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रयास 125 चित्रणों में से. कार्य …
वोक़िज़्म का मायाजाल:कुटुंब शक्ति संजीवनी-Wokism Ka Mayajaal : Kutumb Shakti Sanjivn
– यह पुस्तक अभिभावकों, सांस्कृतिक विचारकों और आधुनिक वैचारिक चुनौतियों को समझने वालों के लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है।
भारत में विज्ञान की उज्ज्वल परंपरा – Bharat Me Vignan Ki Ujwal Parampara
भारत में विज्ञान की उज्ज्वल परंपरा – Bharat Me Vignan Ki Ujwal Parampara
अभी तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पश्चिमी वैज्ञानिक पश्चिमी देशों को ही विज्ञान का …
पञ्च परिवर्तन – Panch Parivartan
अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, कुटुंब भाव, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, स्वदेशी का आग्रह और नागरिक कर्तव्य बोध का पालन करें।
बनाएँ जीवन प्राणवान banayen jeevan praanvaan
इस पुस्तक में चराचर जगत में व्याप्त प्राण का अनुभव प्रत्यक्ष प्राप्त करने हेतु प्रैक्टिकल टिप्स प्रदान किए गये हैं। सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास हेतु इनका लाभ प्रत्येक व्यक्ति ने अवश्य लेना चाहिए।
भीम-मीम गठजोड़: कथ्य और तथ्य Bhim- MIM gathjod
भीम-मीम गठजोड़: कथ्य और तथ्य Bhim- MIM gathjod
भारत में जाति व्यवस्था के नाम पर ऊच नीच का भेद दिखाकर ही अनुचित वर्ग के विरुद्ध इस तरह के षड्यन्त्रौं को मुर्त रूप दिया जाता है। पुस्तक में जातियो की व्यवस्था को शास्त्रीय और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर विवेचित किया गया है।
सभी पन्थ एकसमान नहीं Sabhi Panth Ek Samaan Nahi
सभी पन्थ एकसमान नहीं Sabhi Panth Ek Samaan Nahi
संजय दीक्षित की यह पुस्तक धर्मों के बीच कई उल्लेखनीय अंतरों को व्यवस्थित, तर्कसंगत, अनुभवात्मक और …
सैफरन स्वोर्ड्स – Saffron Swords
सैफरन स्वोर्ड्स – Saffron Swords
इन बावन कथाओं में भारत के सभी हिस्सों-पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण; सभी जातियों; स्त्री, पुरुष; 12 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष से ऊपर के उन योद्धाओं की कहानियाँ हैं, जिन्होंने आक्रान्ताओं को कई बार नाकों-चने चबवाए; और जब समय आया तो अपने प्राणों की आहुति देकर देश के लिए न्योछावर हो गए।
अर्बन नक्सल्स – Urban Naxals
अर्बन नक्सल्स – Urban Naxals
This Book is the Hindi Translation of the book “Urban Naxals” Author : Vivek Agnihotri ; …
भारतीय शिक्षा दृष्टि Bharatiya Shiksha Drishti
इस पुस्तक में वर्ष 2010 से 2020 तक के डॉ. मोहन भागवत जी के विभिन्न उद्बोधनों का संग्रह है, जो भारतीय दृष्टि के आधार पर शिक्षा के महत्व को दर्शाता है। यह पुस्तक राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका और वर्तमान परिस्थितियों पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है।
वर्तमान सन्दर्भ में हिंदुत्व की प्रस्तुति Vartaman Sandarbh mein Hindutva
ये पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन जी भागवत एवं वरिष्ट प्रचारक श्री सुरेश सोनी जी , श्री अरुण कुमार जी द्वारा इस विषय पर दिए गए भाषणों का संकलन है
श्री गुरुजी समग्र संपूर्ण (12 खण्ड) Sri Guruji Samagra ( 12 volumes )
श्री गुरुजी समग्र संपूर्ण (12 खण्ड) Sri Guruji Samagra ( 12 volumes )
आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक परम पूजनीय श्री गुरुजी समग्र संपूर्ण (12 खण्ड)
चाणक्य नीति – Chanakya Neeti
चाणक्य नीति – Chanakya Neeti
दैनिक जीवन में सफलता के लिए आचार्य चाणक्य द्वारा लिखित सूत्रों की सटीक व्याख्या विष्णुगुप्त चाणक्य …
वामपंथी दीमक(दुनिया को खोखला कर रही) Vaampanthi Deemak
वामपंथी दीमक(दुनिया को खोखला कर रही) Vaampanthi Deemak
यह पुस्तक वामपंथ की वास्तविकता और उसके रणनीतिक एजेंडों को उजागर करती है।
छह स्वर्णिम पृष्ठ 6 Swarnim prasht
छह स्वर्णिम पृष्ठ 6 Swarnim prasht
प्रस्तुत ग्रंथ ‘छह स्वर्णिम पृष्ठ’ में हिंदू राष्ट्र के इतिहास का प्रथम स्वर्णिम पृष्ठ है यवन-विजेता सम्राट् चंद्रगुप्त की राजमुद्रा से अंकित पृष्ठ, यवनांतक सम्राट् पुष्यमित्र की राजमुद्रा से अंकित पृष्ठ भारतीय इतिहास का द्वितीय स्वर्णिम पृष्ठ, सम्राट् विक्रमादित्य की राजमुद्रा से अंकित पृष्ठ इतिहास का तृतीय स्वर्णिम पृष्ठ है। हूणांतक राजा यशोधर्मा के पराक्रम से उद्दीप्त पृष्ठ इतिहास का चतुर्थ स्वर्णिम पृष्ठ, मुसलिम शासकों के साथ निरंतर चलते संघर्ष और उसमें मराठों द्वारा मुसलिम सत्ता के अंत को हिंदू इतिहास का प स्वर्णिम पृष्ठ कह सकते हैं और अंतिम स्वर्णिम पृष्ठ है अंग्रेजी सत्ता को उखाड़कर स्वातंत्र्य प्राप्त करना। विश्वास है, क्रांतिवीर सावरकर के पूर्व ग्रंथों की भाँति इस ग्रंथ का भी भरपूर स्वागत होगा।
योगी कथामृत
योगी कथामृत: इस शताब्दी की 100 सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक पुस्तकों में गिनी जाने वाली परमहंस योगानन्दजी की …
आओ जाने भारत (ज्ञान पहेली)
यह पुस्तक कविता के माध्यम से प्रश्नोत्तरी द्वारा सामान्य पाठक को भारत की विभिन्न नदियों, पर्वतों, …
नित्यप्रेरणा ॥ एक दिन – एक पृष्ठ – एक विचार Nityaprerana ( Hindi )
नित्यप्रेरणा ॥ एक दिन – एक पृष्ठ – एक विचार Nityaprerana ( Hindi )
एक दिन – एक पृष्ठ – एक विचार श्री गुरूजी (श्री माधव सदाशिव राव गोलवलकर )के …
प्रतीक्षा शिव की: ज्ञान वापी काशी के सत्य का उद्घाटन Prateeksha Shiv Ki
प्रतीक्षा शिव की: ज्ञान वापी काशी के सत्य का उद्घाटन Prateeksha Shiv Ki
दुनिया में कुछ ही ऐसी जगहें हैं जो इतनी सहजता से इतिहास का भार वहन कर …
मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा Mewar evam Marathon ki shouryagatha
मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा Mewar evam Marathon ki shouryagatha
मेवाड़ एवं मराठा स्वराज्य की गौरवपूर्ण ऐतिहासिक यात्रा की ओर अग्रसर होते हैं, ताकि हम अपने महापुरुषों द्वारा किए गए पराक्रम का स्मरण कर अपने अस्तित्व को पहचानें और भारत को पुनः विश्वगुरुबनाएँ ।
