भारतीय मुसलमानों के हिन्दू पूर्वज Bharatiya Musalmano Ke Hindu Purvaj
वन्देमातरम और इस्लामिक नज़रिया Vande Mataram Aur Islamic Nazariya
सेकूलरिज्म ने देश में किस प्रकार से विकार घोले हैं, इसका सबसे बड़ा उदाहरण वन्दे मातरम् है। एक और जहाँ भारत में असंख्य सेनानियों ने वन्दे मातरम् का उद्घोष करते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया, वहीं सेकूलरिज्म की आड़ में इस्लामपंथी, देशभक्तों की इस शहादत को केवल इसलिए नकार देते हैं कि इस्लाम उन्हें इस बात की इजाजत नहीं देता। इस्लामपंथियों की यह अपमानजनक उपेक्षा देश के भीतर ना केवल अनावश्यक तनाव पैदा करती है अपितु देश के सामुदायिक सौहार्द को भी नष्ट करती है।
महाराणा : सहस्त्र वर्षो का धर्मयुद्ध ( Hindi ) Maharana
महाराणा : सहस्त्र वर्षो का धर्मयुद्ध ( Hindi ) Maharana
इस क्षणभंगुर अस्तित्व में यदि कोई तत्त्व स्थायी हैं तो वे हैं आत्मसम्मान तथा स्वतंत्रता। ये तत्त्व, बहुत मूल्य चुका कर प्राप्त होते हैं। मेवाड़ के महान सिसोदिया राजवंश ने अपने सुख, संपत्ति व जीवन का मूल्य चुकाकर ये तत्त्व हिंदू समाज को सहजता से दे दिए। एक सहसख्र वर्षों तक अरावली में यायावरों का सा जीवन जीने वाले मेवाड़ के इन अवतारी पुरुषों के कारण ही भारत में आज केसरिया लहराता है।
यह पुस्तक उन महापुरुषों के प्रति हिंदू समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास है। लेखक ने निष्पक्ष प्रामाणिकता से भारत के इतिहास के साथ हुए व्यभिचार को उजागर किया है । यह पुस्तक स्थापित भ्रांतियों को भंग करने के अतिरिक्त नई मान्यताओं को भी स्थापित करती है
अम्बेडकर, इस्लाम और वामपंथ Ambedkar, Islam Aur Vampanth
अम्बेडकर, इस्लाम और वामपंथ Ambedkar, Islam Aur Vampanth
ये पुस्तक न सिर्फ बाबा साहब अम्बेडकर के इस्लाम और वामपंथ के प्रति उनके विचारों को पाठकों के सामने रखती है, वरन आज की ताजा राजनीति में इस्लाम एवं वामपंथ के नेतृत्व द्वारा अम्बेडकर को अपना बनाने के प्रयासों—जैसे सीएए (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान—के सत्य को उजागर करती है।
श्रीमद वाल्मीकि रामायण (सटीक) Srimad Valmiki Ramayana Hindi
Srimad Valmiki Ramayana (Satik) श्रीमद वाल्मीकि रामायण (सटीक) – प्रथम & द्वतीय खण्ड, Part -1 & 2
Due to the high weight of the 3 volumes coupled with the subsidized prices of Geeta press, we have added Rs. 225 ( 165/-+60/- )towards packaging & logistics.
आदि देव आर्य देवता Aadi Dev Arya Devata
आदि देव आर्य देवता Aadi Dev Arya Devata
इस अध्ययन में प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों की खोजों को मिलाकर संयुक्त रूप से यह बताने का प्रयास किया है कि जनजातीय समाज हिंदू सभ्यता की कुंजी और आधार है।
नेताजी रहस्य गाथा Netaji Rahasya Gaatha
नेताजी रहस्य गाथा Netaji Rahasya Gaatha
यह पुस्तक में देश-विदेश से तमाम दुर्लभ जानकारियां प्राप्त की गई हैं, जिनमें कई गोपनीय दस्तावेज भी शामिल हैं। नेताजी से जुड़े रहस्य को जानने और नेहरू से मोदी युग तक के राजनीतिक पहलू को समझने के लिए इस पुस्तक का कोई बेहतर नहीं है।
धर्म की अवधारणा Dharma ki avadharana
धर्म जितना ऊँचा है, उतना गहरा है, जितना व्यष्टि केन्द्रित है उतना समष्टि व्यापक है, जितना पुराना है उतना नया है, जितना चिरन्तन है उतना गतिमान है, जितना बहुआयामी है उतना एकाग्र है। वह सर्वभूतहित का अमृतकलश है, जगन्मंगल कल्पवृक्ष है।
श्री गुरुजी : जीवन यज्ञ Shree Guruji -Jeevan Yagya
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के व्दितीय सरसंघचालक परमपूजनीय श्री माधव सदाशिव गोलवलकर उपाख्य गुरुजी का यह एक सरल तथा प्रसंगवर्णनात्मक जीवन चरित्र है। यह विशेषरूप से बालकों के लिये तथा किशोरों के लिये लिखा गया है।
डॉ. हेडगेवार :संघ मंत्र के उद्गाता : Dr Hedgewar Sangh mantra ke udgaata
बहुत सुबोध और रोचक ढंग से डा. हेडगेवारजी के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंग यहां चित्रित किये गये हैं। यह जितनी मनोरंजक है, उतनी ही उद्बोधक भी।
विनाशपर्व Vinashparv : आंग्रेज़ों का भारत पर राज
विनाशपर्व Vinashparv : आंग्रेज़ों का भारत पर राज
अंग्रेजों की क्रूरता, बर्बरता, निर्मगता और भारतीयों पर किए हुए उनके अन्याय व अत्याचार के साथ ही अंग्रेजों द्वारा भारत की लूट का तथ्यपूर्ण विवरण इस पुस्तक में संकलित हैं। साथ ही अंग्रेजों के आने के पहले भारत की स्थिति क्या ची, अंग्रेजों ने कैसे भारत की जमी-जमाई व्यवस्थाओं को छिन्न-भिन्न किया और इनके जाने के बाद भारत की स्थिति क्या रही इस पर विस्तार से प्रकाश डालनेवाली यह पुस्तक अपनी सहज-सरल प्रस्तुति तथा प्रवाहपूर्ण भाषा-शैली के बलते नई पीढ़ी को अपनी ओर अवश्य आकर्षित करेगी।
Sanghatan Kaushal संगठन कौशल
Sanghatan Kaushal संगठन कौशल
संगठन कौशल – इस विषय पर श्री यशवंत राव केलकर द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का संकलन .
एक प्रभावी सफल एवं स्वस्थ संस्था के लिए मुख्यतः तीन शर्तें लागू होती हैं: 1. स्पष्ट उद्देश्य, 2. योग्य कार्यकर्ता, 3. सामूहिकता की कार्यपद्धति। इनमें से प्रथम पर्याप्त की श्रेणी में आती है और शेष दो अनिवार्य की श्रेणी तीनों का महत्त्व भी बराबर नहीं होता।
मतांतरण : Matantaran चुनौतियाँ एवं विधिक समाधान
अपने समाज की मूल धारा, मूल प्रवृत्ति और मूल शक्ति को बढ़ाने की दृष्टि से धर्म जागरण विभाग काम कर रहा है। इसी को आधार बनाकर यदि पूर्ण समाज इसके पीछे खड़ा रहेगा तो मुझे लगता है कि यह लड़ाई लड़ने में आसानी हो सकती
शुद्धि आंदोलन का संक्षिप्त इतिहास shuddhi aandolan
अपने बिछुड़े हुए बंधुओं को आत्मसात करने के प्रयास ऋषियों, साधु-संतों, राजा महाराजाओं, धार्मिक-सामाजिक-राजनीतिक नेताओं और सामान्य लोगों ने किए। सन् 1947 को राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्ति भारत के इतिहास में महत्त्वपूर्ण पड़ाव था। सैकड़ों वर्षों के इस कालावधि में हुए शुद्धिकरण के प्रयासों की तथ्यपरक जानकारी इस पुस्तक में संक्षेप में दी गई है।
हिंदुत्व: विभिन्न पहलु – सरलता से Hindutva Vibhinn pehlu
यह पुस्तक ‘हिंदुत्व’ से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती हैं. हिंदुत्व का वास्तविक अर्थ क्या.. हिन्दू होने के मायने.. हिन्दू, हिंदुत्व इन शब्दोंका ऐतिहासिक महत्व… इन सारे विषयों पर विस्तार से चर्चा के गयी हैं.
सुधा वाणी सुधी वाणी Sudha Vani-Sudhi Vani
सुधा वाणी सुधी वाणी Sudha Vani-Sudhi Vani
यह संकलन संस्कारों के ज्ञान-यज्ञ की अग्निशिखा के प्रज्वलन की प्रारंभिक आहुति है। सत्यनिष्ठा, राष्ट्रभक्ति, परिवार-निष्ठा, वृद्ध व असहाय जनों के प्रति कर्तव्य, प्रेरणा, तथा प्रकृति, सृष्टि व समष्टि से एकात्मता के प्रेरक, उच्च आदर्शों, नैतिकता एवं उच्च जीवन-मूल्यों के संवाहक ये सुभाषित, हमारे इतिहास, संस्कृति, प्राचीन वाङ्मय तथा महापुरुषों के प्रति निष्ठा का संवर्धन करेंगे।
हमारा संविधान एक परिचय Hamara Samvidhan Ek Parichay
हमारा संविधान एक परिचय Hamara Samvidhan Ek Parichay
यह पुस्तिका बहुत ही सरल और सहज भाषा में, विश्व के सबसे बड़े संविधान और उसकी कार्यप्रणाली को बहुत ही संक्षिप्त रूप में समझाने का प्रयास है। साथ ही, यह संविधान से जुड़ी बहुत सी प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास भी करती है।
विभाजनकालीन भारत के साक्षी 4 Vols Vibhajan Kaaleen Bharat Ke Saakshi
विभाजनकालीन भारत के साक्षी 4 Vols Vibhajan Kaaleen Bharat Ke Saakshi
विभाजन का काल विभिन्न अवस्थाओं से गुजरा हैं। इन सभी अवस्थाओं का ज्ञान आज की पीड़ी को होना ही चाहिए। यह ज्ञान उन बुजर्गो के पास ही था जो उस काल के साक्षी थे। उन्होंने अपने साक्षियों के द्वारे ही यहाँ ज्ञान देने का प्रयत्न किया हैं -विभाजनकालीन भारत के साक्षी ग्रन्थ में। यह ग्रन्थ ( 4 volumes ) अत्यंत जानकारी पूर्ण थो हैं ही साथ साथ रोचक भी है।
मैं हिन्दू कैसे बना: एक बौद्धिक आत्मकथा main Hindu Kaise Bana
ये पुस्तक श्री सीताराम गोयल जी की ” How I Became a Hindu ” का हिन्दी भाषांतर है ।
हिन्दू राष्ट्र स्वप्नद्रष्टा बंदा वीर बैरागी Banda Veer Bairagi (Hindi)
एक समय जब मुगलों की तलवार भारतीय संस्कृति को चीर रही थी, लोगों के जनेऊ उतारे जा रहे थे, चोटियाँ काटी जा रही थीं, सिरों को काटकर मीनारें बनाई जा रही थीं, बलपूर्वक हजारों-लाखों का धर्मभ्रष्ट किया जा रहा था, अनाथ बच्चे बिलख रहे थे, गौमाता मारी जा रही थी, मंदिर ध्वस्त हो रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, उस समय गुरु गोविंद सिंहजी के आह्वान पर इस वीर महापुरुष ने भक्ति का मार्ग छोड़कर शक्ति का मार्ग अपनाया। योगी योद्धा बन गया, संत सिपाही बन गया; माला को फेंक भाला उठा लिया और सेना खड़ी कर अन्याय-अत्याचार का प्रतिकार करके अपने राज्य की स्थापना की
दादी-अम्मा कहें कहानी Dadi Amma Kahen Kahani
इसी पुस्तक से प्रख्यात लेखिका सुधा मूर्ति की दादी की भूमिका से उपजी ये कहानियाँ बच्चों, माता-पिता, दादा-दादी—यानी तीन पीढ़ियों के आपसी संबंधों को समझाती हैं;
रामप्रसाद बिस्मिल आत्मकथा Ramprasad Bismil Atmakatha
रामप्रसाद बिस्मिल आत्मकथा Ramprasad Bismil Atmakatha
क्रांतिकारियों के शिरमौर पं. रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ ने फाँसी से पूर्व जेल में ही उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी।
समुद्रान्तिके Samudrantike Novel (hindi)
समुद्रान्तिके Samudrantike Novel (hindi)
आस्था प्रधान समाज और मुनाफाखोर निंदक समाज के बीच के गतिरोध और संघर्ष को संतुलित करता प्रभावी उपन्यास। इसमें लोक है, लोकनायक हैं, जो उपन्यास के ताने-बाने को बुनते हैं। एक प्रभावी, पठनीय उपन्यास ।

