Description
ईसाई न्यायाधिकरण, गैर-ईसाइयों तथा नव-ईसाइयों के प्रति क्रूरता के लिए कुख्यात रहे हैं, परंतु इन सबमें गोवा के ईसाई न्यायाधिकरण ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी थीं। दुर्भाग्यवश हिन्दू जाति में इतिहास लेखन की परम्परा नहीं है। इस कारण गोवा न्यायाधिकरण 1560 में स्थापित होने से लेकर 1812 में इसकी समाप्ति तक के विवरण के लिए हमें पुर्तगाली स्रोतों व अन्य यूरोपीय स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। पहली बार गोवा के इस कुख्यात ईसाई न्यायाधिकरण के विषय में लिखने का प्रयास स्वर्गीय अनंत काकबा प्रियोलकर ने 1961 में किया था। उनके स्रोत मुख्यतः पुर्तगाल के अभिलेख तथा कुछ प्रबुद्ध पुर्तगाली लेखक थे जो अपनी जाति के लोगों के कार्य से वास्तव में दुखी थे।
यह पुस्तक अनंत काकबा जी की उसी पुस्तक “The Goa Inquisition” का हिन्दी रूपांतर है।
Publisher : Akshaya Prakashan ; Author : AK Priolkar ; Paperback ; Pages : 264 ;




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