Description
कई ऐतिहासिक घटनाओं एवं तत्कालीन आप्त परिस्थितियों की मार सहते हुए भी और वहाँ के सर्वथा अलग सांस्कृतिक और धार्मिकता के वातावरण में भी सनातन समाज के लिए समरस होकर सफलतापूर्वक कार्य करने का प्रेरक विकास म्यांमार में सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ एवं इसके प्रचारकों, कार्यकर्ताओं द्वारा हुआ है। सारे विश्व में जहाँ-जहाँ सनातन समाज को संगठित करने के प्रयत्न हुए, उनमें समाज के साथ एक रूप होकर, वहाँ के समाज को सीधे संघ से जोड़ने के सबसे सफल प्रयोगों में म्यांमार के सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ के कार्य को उच्च बिंदु माना जा सकता है। यह कथा है ऐसे संगठन की, और उसके निःस्वार्थी निस्पृह कार्यकर्ताओं की जो एक आदर्श उदाहरण है।
Publisher : Suruchi ; Paperback ; Pages : 105 ; Author : Ratan Sharda


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