Description
भारतीय संस्कृति में पर्यावरण को संसाधन नहीं, जीवन का प्रथम आधार माना गया है। हमारे शास्त्र कहते हैं कि यह हमारा पहला शरीर है, इसलिए वृक्ष, नदियाँ, पर्वत, सूर्य और चंद्रमा पूजनीय हैं। प्राचीन परंपरा रही है कि एक वृक्ष काटने पर पाँच लगाए जाएँ और पृथ्वी को देवी माना जाए। आज विज्ञान की प्रगति के साथ संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसका समाधान केवल आध्यात्मिक मूल्यों, संवेदनशीलता और करुणा से संभव है। यही भारतीय दृष्टि पृथ्वी और मानव दोनों का पोषण करती है !यह पुस्तक भारत की प्राचीन, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक परंपरा का समग्र प्रस्तुतीकरण है।
Publisher : Gyan Ganga Prakashan ; Paperback ; Pages : 136 ; Editor: Birendra Pandey


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