संघर्ष का समाधान – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शैली – Sangharsh Ka Samadhan
संघर्ष का समाधान – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शैली – Sangharsh Ka Samadhan
सुप्रसिद्ध लेखक और आरएसएस के जानकार या यूँ कहें इतिहासकार श्री रतन शारदा द्वारा लिखित यह पुस्तक संघ संबंधी साहित्य को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य है। आरएसएस द्वारा समय-समय पर पारित नीतिगत प्रस्तावों के आधार पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष समाधान का मुल्यांकन अथवा आकलन करने में यह पुस्तक एक उत्कृष्ट कृति है।
हिन्द की चादर – नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी – Hind ki Chadar
डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जी द्वारा लिखित यह पुस्तक गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, उनके बलिदान और ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है।
म्यांमार में सनातन समाज का संगठन -सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ- Myanmar Me Sanatan Samaj Ka Sanghatan
म्यांमार में सनातन समाज का संगठन -सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ- Myanmar Me Sanatan Samaj Ka Sanghatan
कई ऐतिहासिक घटनाओं एवं तत्कालीन आप्त परिस्थितियों की मार सहते हुए भी और वहाँ के सर्वथा अलग सांस्कृतिक और धार्मिकता के वातावरण में भी सनातन समाज के लिए समरस होकर सफलतापूर्वक कार्य करने का प्रेरक विकास म्यांमार में सनातन धर्म स्वयंसेवक संघ एवं इसके प्रचारकों, कार्यकर्ताओं द्वारा हुआ है।
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भारतीय पर्यावरण चिंतन – Bharteeya Paryavaran Chintan
भारतीय पर्यावरण चिंतन – Bharteeya Paryavaran Chintan
भारतीय संस्कृति में पर्यावरण को संसाधन नहीं, जीवन का प्रथम आधार माना गया है!यह पुस्तक भारत की प्राचीन, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक परंपरा का समग्र प्रस्तुतीकरण है।
भारतीय दृष्टि में नारी चिंतन -Bharteeya Drishti Me Nari Chintan
भारतीय दृष्टि में नारी चिंतन -Bharteeya Drishti Me Nari Chintan
‘भारतीय दृष्टि में नारी चिंतन’ पुस्तक भारतीय संस्कृति, दर्शन और साहित्य के आलोक में नारी की समग्र भूमिका को रेखांकित करने वाला एक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है।
मैं आतिरा (मतांतरण से वापसी: आतिरा से आइशा और फिर आतिरा)
मैं आतिरा (मतांतरण से वापसी: आतिरा से आइशा और फिर आतिरा)
यह पुस्तक मत-परिवर्तन के शिकार हुए लोगों के लिए है, और उनके लिए भी जो धर्म छोड़ने के कगार पर हैं। इस को धैर्यपूर्वक पढ़ने से निश्चित रूप से आप अपने मतांतरण के निर्णय पर पुनर्विचार करोगे।
शिव से श्रोडिंगर – From Shiva to Schrodinger Hindi
शिव से श्रोडिंगर, प्राचीन ज्ञान और समकालीन अंतर्दृष्टि के बीच एक सेतु मात्र नहीं है; यह हमारे ब्रह्मांड और स्वयं की गहरी समझ के मार्ग को प्रकाशित करने वाला एक प्रकाशस्तंभ है। इसलिए, चाहे आप आध्यात्मिक अन्वेषण या वैज्ञानिक खोज की ओर आकर्षित हों, यह पुस्तक एक परिवर्तनकारी परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करती है, जो ज्ञान के लिए आपकी समकालीन खोज को समृद्ध करेगी।
बच्चे आपके, संस्कार किसके? – Bachhe Apke Sanskar Kiske
बच्चे आपके, संस्कार किसके? – Bachhe Apke Sanskar Kiske
इस पुस्तक का अध्ययन अनिवार्य है उन सभी लोगों के लिए, जो भविष्य में दिए जानेवाली शिक्षा को लेकर वास्तव में चिंतित हैं. चाहे वह शिक्षा घर में दी जाये या वैश्विक स्तर पर।
इंसानियत जिन्दा है – Insaniyat Zinda Hai
इस पुस्तक मे 25 सिख परिवारों के साक्षात्कार है , जिनकी रक्षा 1984 के दंगों मे आर एस एस के स्वयंसेवकों ने रक्षा की थी।
Book “Insaniyat Jinda hai” is collection of 25 different interviews of sikh families, who were saved by swayamsevaks during 84 riots.
100 वर्ष संकल्प यात्रा – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 varsh sankalp yatra – Rashtriya Swayamsevak Sangh
100 वर्ष संकल्प यात्रा – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 varsh sankalp yatra – Rashtriya Swayamsevak Sangh
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में प्रवेश का यह पल नि:संदेह, देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज, देश के हर राष्ट्रनिष्ठ नागरिक को गौरव का भान कराने वाला है। 1925 में विजयादशमी के दिन डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा रोपा गया संघ बीज आज विशाल वटवृक्ष बना है तो इसके पीछे अनगिनत स्वयंसेवकों का तप ही है।
यह पुस्तक पठनीय ही नहीं, संग्रहणीय भी है। मात्र 200 पृष्ठों में इसमें गागर में सागर भरने का प्रयास किया गया है। सुधी पाठकों और संघ के बारे में जानने के इच्छुक लोगों को पुस्तक रुचिकर लगेगी, ऐसी आशा है
विभाजन विभीषिका जो बताना जरूरी है
This is the Hindi translation of the book, Now It Can Be Told by Prof AN Bali
बांग्लादेश की मानव त्रासदी 1971 Bangladesh ki maanav traasdi 1971
बांग्लादेश की मानव त्रासदी 1971 Bangladesh ki maanav traasdi 1971
1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में हिंदुओं को छाँट कर अलग किया गया ताकि उनका कत्ल …
खजाने की शोधयात्रा – Khazane Ki Shodhyatra
खजाने की शोधयात्रा – Khazane Ki Shodhyatra
लगभग आठ सौ/नौ सौ वर्ष पहले तक अपना भारत विश्व का सबसे समृद्ध, संपन्न और ज्ञानवान देश था। विश्व का एक-तिहाई से ज्यादा जी.डी.पी. भारत का था।
‘खजाने की शोधयात्रा’ में इन अनछुई बातों को आपके सामने लाया है, इस लोकप्रिय पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ के लेखक प्रशांत पोळ ने, अत्यंत रोचक शैली में !”
राष्ट्रध्वज और आरएसएस – RashtraDhwaj aur RSS
राष्ट्रध्वज के विकास की यात्रा,भगवा ध्वज, तिरंगा और संघ के अंतर्संबंधों का विश्लेषण !
साक्षात्कार@संघ शताब्दी Saakshaatkar – Sangh Shatabdi
स्वयंसेवक का अर्थ ही स्वयं से प्रारम्भ करने वाला, यह है। संघ का घटक शब्द का अर्थ है ‘जैसा मैं हूँ, वैसा संघ है और जैसा संघ है, वैसा मै हूँ। जैसे समुद्र की हर बूंद समुद्र जैसी है और सब बूंदों से मिलकर ही समुद्र बनता है। यह ‘एक’ और ‘पूर्ण’ का सबंध संघ में प्रारम्भ से ही चल रहा है। स्वयंसेवक का आत्मचिंतन सतत चलता है।
Bharatiya Jeevan Shaili – भारतीय जीवन शैली
Bharatiya Jeevan Shaili – भारतीय जीवन शैली
जीवन स्वस्थ रहा तो सब कुछ अच्छा रहता है। स्वास्थ्य का सम्बन्ध शारीरिक व मानसिक दोनों से ही है!
सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय हिन्दुत्व एक जीवन-पद्धति – Hindutva-Nyayalaya
माननीय न्यायाधीशों ने माना है कि हिन्दुत्व भारतीयता का ही पर्यायवाची है, क्योंकि ‘हिन्दू’ शब्द विदेशियों …
हिन्दवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी-Hindvi Swaraj Ke Sansthapak Chhatrapati Shivaji
हिन्दवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी-Hindvi Swaraj Ke Sansthapak Chhatrapati Shivaji
Publisher : Suruchi ; Paperback ; Pages : 188 ; Author : Om Prakash Singh
अपनों के अपने जगदेव राम Apno ke apne jagdev ram
अपनों के अपने जगदेव राम Apno ke apne jagdev ram
श्री जगदेव रामजी इतने निर्मल बाल मन के थे कि बच्चों में बच्चों जैसा, युवक प्रौढ़ों …
सुंदर मेरा घर – Sundar Mera Ghar
परिवारों को सुंदर, सुदृढ़,संस्कारयुक्त एवम् समस्यामुक्त बनाने के लिये सरल सूत्र Publisher : Kalpataru ; Paperback …
भारत विभाजन के कुछ अज्ञात तथ्य – Bharat Vibhajan Ke Kuch Agyath Tathya
विभाजन पर प्रकाशित अब तक की सभी पुस्तकों से यह पुस्तक अलग प्रकार की है। बाकी सभी पुस्तकें गांधी, नेहरू, पटेल, जिन्ना और माउंटबेटन के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। किंतु यह पुस्तक आम व्यक्तियों, परिवारों, गलियों, मुहल्लों, बाजारों, गांवों व नगरों में घूमती है और इस कारण जगह-जगह घटी उन दिनों की घटनाओं का जमीनी स्तर पर वर्णन करती है। यह वर्णन उन लोगों के द्वारा है, जिन्होंने यह सब स्वयं देखा और भोगा था।
सांस्कृतिक अस्मिता की प्रतीक गोमाता Sanskritik Asmit ki prateek gomata
इस पुस्तक के विद्वान लेखक ने एक विस्तृत ऐतिहासिक परिदृश्य प्रस्तुत किया है कि हिन्दू समाज ने किस प्रकार ब्रिटिश शासनकाल में गोरक्षा का बृहद् प्रयास किया था, और किस प्रकार उसे विफल किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ब्रिटिश शासक गोरक्षा के प्रश्न को भारत की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा हुआ मानते थे और आशंकित थे कि गोरक्षा का अभियान यदि प्रबल हुआ तो उनका साम्राज्य संकटापन्न हो जाएगा।
विमर्श भारत का Vimarsh Bharat ka
विमर्श भारत का Vimarsh Bharat ka
चार वर्षों (2020-21-22-23) में विमर्श के मंच को देश के जाने-माने वक्ताओं ने अपने अनमोल विचारों से समृद्ध किया है। यह पुस्तक उनके विचारों को सार रूप में आप तक पहुंचाने का विनम्र प्रयास है।
