अतरपी Atarapi Novel
अतरपी Atarapi Novel
अपने आप में एकदम अलग और अद्भुत उपन्यास में वरिष्ठ गुजराती लेखक श्री ध्रुव भट्ट ने दो कुत्तों को केंद्र में रखकर उनमें मानव के विविध पक्षों का अत्यंत मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया है।
मुस्लिम आक्रमण का हिन्दू प्रतिरोध Muslim akraman ka hindu pratirodh
मुस्लिम आक्रमण का हिन्दू प्रतिरोध Muslim akraman ka hindu pratirodh
एक सहस्र वर्ष के संघर्ष की विजय गाथा
स्वदेशी समाज- Swadeshi Samaaj
– आज से 120 वर्ष पूर्व जब भारत में शासन व्यवस्था, समाज व्यवस्था के आपसी संबंध एवं उत्तरदायित्व इतने स्पष्ट थे तो स्वतंत्रता की प्राप्ति के बाद हम अपनी ही व्यवस्थाओं को अपनाने की अपेक्षा विदेशी व्यवस्था के साथ आगे क्यों बढ़े?
– जब भारत के गाँव बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक रूप से इतने सशत्तफ़ एवं आत्मनिर्भर थे, तब हमने विदेशी, शहरीकरण-मॉडल को अपना कर आगे बढ़ने का निश्चय क्यों किया?
– भारत का मूल विचार, जिसको अनेक महापुरुषों सहित गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने लिपिबद्ध किया, उस विचार को आज आधारहीन, संकीर्ण एवं सांप्रदायिक जैसी संज्ञाएँ कौन लोग दे रहे हैं?
– आर्यों के संबंध में गढ़ी गई कहानियों की वास्तविकता, जिनकी स्पष्टता डॉ- मनमोहन वैद्य ने प्रस्तावना में की है, से भारत को कितना नुकसान हुआ?
हमारा सांस्कृतिक चिंतन hamara sanskritik chintan
हमारा सांस्कृतिक चिंतन hamara sanskritik chintan
सप्तशील Saptasheel
सप्तशील Saptasheel
कोरोना काल में संवेदनशील भारत Corona Kaal Me Samvedansheel Bharat ki Sewa Gatha
कोरोना काल में संवेदनशील भारत की सेवा गाथा
यह पुस्तक कोरोना काल मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय सेवा भारती एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों मे आए मार्मिक उदाहरणों का संकलन है ।
देश के लिए कुर्बान Desh ke liye kurbaan
देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान हुए अनेक वीरों की माला इस पुस्तक में हैं
बदलते दौर में हिन्दुत्व Badalte daur mein Hindutva
बदलते दौर में हिन्दुत्व Badalte daur mein Hindutva
Brief :
This is the Hindi version of ” Hindutva for the Changing Times ” , a collection of published articles of Sri J. Nandakumar, All India convenor of Pragna Pravah.
अरुणोदय के धरती पर Arunodaya ki Dharti par
अरुणोदय के धरती पर Arunodaya ki Dharti par
Author : Sanvarmal Sanganeria ; लेखक : सांवरमल सांगानेारिया ; आईएसबीएन : ISBN-13 : 978-8191093612 ; Publisher …
लोहित के मानसपुत्र : शंकरदेव Lohit ke manasputra Shankardev
लोहित के मानसपुत्र : शंकरदेव Lohit ke manasputra Shankardev
हिन्दी जगत में श्रीमन्त शंकरदेव को परिचित कराने में श्रीसांवरमल सांगानेारिया द्वारा लिखित उपन्यासोसम रोचक, विस्तृत सूचनाओं से समृद्ध यह ग्रन्थ “लोहित के मानसपुत्र : शंकरदेव” महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने में पूर्णत: सक्षम है। इसके पहले भी असम में ही पले-पढ़े श्रीसांगानेारिया डांगरिया (महोदय) ने पूर्वोत्तर पर साहित्य रचनाएँ कर हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि असम की कीर्ति को भारतीय जनमानस तक पहुँचाने क स्तुत्य कार्य किया है।
लोकदेवता श्री हनुमान Lokdevata Shree Hanuman
हनुमच्चरित्र पर केन्द्रित इस शोध-ग्रन्थ में साहित्यिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं धार्मिक इतिहास से सम्बद्ध तिथिक्रम के निर्धारण के लिए प्रचुर सामग्री सुलभ हुई है। अतएव, डॉ० मागध का यह ग्रन्थ तात्त्विक शोध (‘फण्डामेण्टल रिसर्च’) की दृष्टि से भी अपना विशिष्ट मूल्य आयत्त करता है।
पाञ्चजन्य : राम जन्मभूमि संग्रह विशेषांक Collector’s Edition on Ram Mandir Panchajanya
पाञ्चजन्य : राम जन्मभूमि संग्रह विशेषांक Collector’s Edition on Ram Mandir Panchajanya
About the book :
पाञ्चजन्य के राम जन्मभूमि संग्रह विशेषांक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : स्वर्णिम भारत के दिशा सूत्र Swarnim Bharat ke disha sootra
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : स्वर्णिम भारत के दिशा सूत्र Swarnim Bharat ke disha sootra
RASHTRIYA SWAYAMSEVAK SANGH : Swarnim Bharat ke Disha Sootra About the book : यद्यपि राष्ट्रीय स्वयंसेवक …
अग्निकन्या Agnikanya ( novel )
अग्निकन्या Agnikanya ( novel )
‘अग्नि कन्या’ हजारों वर्ष पूर्व अग्नि से अग्निकल्य प्रकट हुए एक अप्रतिम अस्तित्व , पांडव पत्नी, श्रीकृष्ण की सखी, अप्रतिम सम्राज्ञी द्रौपदी की कहानी है
स्त्री के अस्तित्व की, महत्ता की एवं स्वतंत्रता की बात करती यह कथा हर व्यक्ति को पढ़नी चाहिए।
भविष्य का भारत Bhavishya ka Bharat
आर एस एस के सर संघचालाक मा. मोहन राव भागवत जी द्वारा २०१८ में दिए गए ३ दिन के व्याख्यानमाल के विषय इस पुस्तक में सम्मिलित है .
ज्योति जला निज की Jyoti Jala Nij Pran Ki
ज्योति जला निज की Jyoti Jala Nij Pran Ki
About : भारत विभाजन के समय संघ ( आरएसएस ) के स्वयंसेवकों द्वारा निभायी गयी तेजस्वी …
श्री बालासाहेब देवरस Sri Balasaheb Deoras
About : Translated into Hindi from the Marathi original बालासाहब देवरसजी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीसरे …
वे पंद्रह दिन Ve Pandrah Din
वे पंद्रह दिन Ve Pandrah Din
स्वतंत्रता प्राप्ति 15 अगस्त, 1947 से पहले के पंद्रह दिनों के घटनाक्रम और अनजाने तथ्यों से परिचित करानेवाली पठनीय पुस्तक।
हिंदू-पदपादशाही Hindu Padpaadshaahi
हिंदू-पदपादशाही Hindu Padpaadshaahi
शिवाजी महाराज की कलम से उतरे ‘हिंदवी-स्वराज’—इस शब्द मात्र से एक शताब्दी से भी अधिक समय तक जिस बेचैनी से महाराष्ट्र का जीवन तथा कर्तव्य निर्देशित हुआ और उसका आत्मस्वरूप जिस तरह से प्रकट हुआ, वैसा किसी अन्य से संभव नहीं था। मराठों की लड़ाई आरंभ से ही वैयक्तिक या विशिष्ट वर्ग की सीमित लड़ाई नहीं थी। हिंदूधर्म की रक्षा हेतु, विदेशी मुसलिम सत्ता का नामोनिशान मिटाने के लिए तथा स्वतंत्र और समर्थ हिंदवी-स्वराज्य स्थापित करने के लिए लड़ी गई वह संपूर्ण लड़ाई हिंदू लड़ाई थी।
हिंदुत्व Hindutva
हिंदुत्व Hindutva
हिंदुत्व’ एक ऐसा शब्द है, जो संपूर्ण मानवजाति के लिए आज भी अपूर्व स्फूर्ति तथा चैतन्य का स्रोत बना हुआ है। इस शब्द से संबद्ध विचार, महान् ध्येय, रीति-रिवाज तथा भावनाएँ कितनी विविध तथा श्रेष्ठ हैं। ‘हिंदुत्व’ कोई सामान्य शब्द नहीं है। यह एक परंपरा है। एक इतिहास है।
Yashasvi Bharat यशस्वी भारत
Yashasvi Bharat यशस्वी भारत
यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव जी भागवत द्वारा अलग-अलग अवसरों पर दिए व्याख्यानों का संग्रह है। ‘हिंदुत्व का विचार’, ‘भारत की प्राचीनता’, ‘हमारी राष्ट्रीयता’, ‘समाज का आचरण’, ‘स्त्री सशक्तीकरण’, ‘विकास की अवधारणा’, ‘अहिंसा का सिद्धांत’, ‘बाबा साहेब आंबेडकर’ और ‘भारत का भवितव्य’ जैसे विषयों पर दिए गए उनके व्याख्यान संघ को समझना आसान बना देते हैं।
..और देश बट गया Aur Desh Bat Gaya
..और देश बट गया Aur Desh Bat Gaya
जागरूक, अध्ययनशील और विचारवान् राष्ट्रसेवी व लेखक श्री हो. वे. शेषाद्रि ने इस पुस्तक में देश की इस त्रासदी का गहन अध्ययन व आकलन के आधार पर तथ्यपरक एवं यथार्थ विवेचन प्रस्तुत किया है।
एकात्म मानव दर्शन Ekatma Manav Darshan
About the Book : एकात्म मानव दर्शन पर आर स स के 2nd सरसंघचालक श्री गुरूजी …
भारत भारती पुस्तकमाला १३५ पुस्तकें Hindi Bharata Bharati
भारत भारती पुस्तकमाला १३५ पुस्तकें Hindi Bharata Bharati
अगली पीढ़ी को चरित्रवान कर्त्रुत्वान बनाने हेतु प्रस्तुत है यह 135 वीरपुरुष, वीरांगनाएं , सामाजिक कार्यकर्ता के जीवन पर छोटी पुस्तकों की माला
