भारत का दिव्य वृक्ष एक मूलान्वेषण – Bharat Ka Divya Vriksh Ek Mulanveshan
भारत का दिव्य वृक्ष एक मूलान्वेषण – Bharat Ka Divya Vriksh Ek Mulanveshan
यह कृति एक हिंदू प्रति आख्यान (counter-narrative) स्थापित करने का एक विनम्र प्रयास है, जो हिंदुओं के अपनी धार्मिक विरासत को एक मुखर एव निःसंकोच स्वदेशी दृष्टिकोण से व्याख्यायित करने के अधिकार की पुष्टि करती है।
भागानगर (हैदराबाद) निःशस्त्र प्रतिकार – Bhaganagar (Hyderabad) Nishatra Pratikar
हैदराबाद मुक्तिसंग्रामाचा इतिहास विशेष संघर्षाचा आणि बलिदानाचा आहे. या मुक्तिसंग्रामातील हिंदुत्वनिष्ठ मंडळींचा सहभाग आजवर क्वचितच मांडण्यात आला. हैदराबाद मुक्तीचा पहिला मोठा आणि संघटित लढा ‘भागानगर निःशस्त्र प्रतिकार’ या नावाने सप्टेंबर १९३८ ते ऑगस्ट १९३९ या काळात लढला गेला.
बच्चों के लिए मुनि श्री तरुण सागर महाराज की शिक्षाप्रद कहानियाँ- Stories of Shri Tarun Sagar Muni in Hindi
बच्चों के लिए मुनि श्री तरुण सागर महाराज की शिक्षाप्रद कहानियाँ- Stories of Shri Tarun Sagar Muni in Hindi
बच्चों के लिए मुनि श्री तरुण सागर महाराज की शिक्षाप्रद कहानियाँ !
योगः कर्मसु कौशलम् – Yogaha Karmasu Koushalam
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। इतना ही नहीं ‘कुमारसंभवम्’ में महाकवि कालिदास ने कहा गया है कि “शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम्” अर्थात शरीर ही सभी धर्मो (कर्तव्यों) को पूरा करने का एक मात्र साधन है।
सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े – Secularwad Aur Badalti Janganna Ke Aankde
सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े – Secularwad Aur Badalti Janganna Ke Aankde
यह कहानी है एक ऐसे षड्यंत्र की जहाँ दो समुदाय सुनियोजित तरीके से अपनी जनसंख्या को बढ़ाने में लगे हुए हैं और हिन्दू, वह सिमटता जा रहा है, प्रखण्डवार, जिलावार और राज्यवार।
भारत के शौर्य की गौरव गाथा – Bharat Ke Shaurya Ki Gaurav Gatha
भारत के शौर्य की गौरव गाथा – Bharat Ke Shaurya Ki Gaurav Gatha
प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. आर्य ने सनातन के उन नाम – अनाम अनेक योद्धाओं को प्रस्तुत किया है, जिन्होंने कथित मुगल काल में हमारी स्वाधीनता के अपहर्ताओं के साथ या तो जमकर संघर्ष किया या फिर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन – Bharat Me Jansankheye Parivartan
राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संरचना एवं राजनीतिक भविष्य पर एक विश्लेषणात्मक अध्ययन !
आध्यात्मिक आक्रमण और घर वापसी – Adhyatmik Akraman aur Ghar Wapsi
आध्यात्मिक आक्रमण और घर वापसी – Adhyatmik Akraman aur Ghar Wapsi
दार्शनिक दृष्टि से अध्यात्म सदैव एक उच्चतर भाव है जिस में कोई नकारात्मक पक्ष नहीं होता। किंतु उस की आड़ में जब भिन्न मतावलबियों पर वैचारिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक प्रहार तक होते हैं, तब उसे आक्रमण कहना सर्वथा उपयुक्त है। यह संज्ञा ‘आध्यात्मिक आक्रमण’, चीनी कम्युनिस्ट नेता माओ त्से तुंग ने ईसाई मिशनरियों के कार्यों को दी थी। वही कार्य भारत में किन-किन रूपों में होते रहे हैं, और इस के क्या अनिवार्य निष्कर्ष निकलते हैं, इसी विषय पर यह पुस्तक केंद्रित है।
इस्लाम और कम्युनिज्म – तीन चेतावनियाँ
इस्लाम और कम्युनिज्म – तीन चेतावनियाँ
यह पुस्तक राजनीतिक इस्लाम और कम्युनिज्म के स्वरूपों पर, भिन्न-भिन्न देशों के तीन बड़े विद्वानों के प्रमाणिक आकलनों की एक प्रस्तुति है।
संत रविदास – Sant Ravidas
यद्यपि हिन्दू समाज गतिमान समाज रहा है परन्तु समय-समय पर वैचारिक संकीर्णताओं, शास्त्रों की उचित व्याख्या का अभाव, कुछ व्यवस्थाओं का कालवाह्य हो जाना तथा परकीय पराधीनता के कारण कुछ सामाजिक दोष भी उत्पन्न हुए हैं। अस्पृश्यता ऐसी ही एक विकृति है जिसका शास्त्रीय आधार नहीं है। यह हमारे समाज में गहराई से वर्षों से जड़ें जमा चुकी है। भारतीय संतों, समाज सुधारकों, कवियों ने इस विकृति के विरूद्ध सतत संघर्ष किया!
संत रविदास भी इन्हीं संतो, महापुरुषों की मालिका के एक सुवासित पुष्प हैं।
राष्ट्ररत्न महाराणा प्रताप – Rashtra Ratna Maharana Pratap
राष्ट्ररत्न महाराणा प्रताप – Rashtra Ratna Maharana Pratap
यह पुस्तक में प्रमाणित किया गया है कि महाराणा प्रताप हल्दीघाटी का युद्ध जीते थे !
मंत्र विप्लव – Mantra Viplav
मंत्र विप्लव – Mantra Viplav
विष की एक बूँद जिसे दी जाए, उससे केवल वही एक व्यक्ति मरता है। विषैला तीर जिस व्यक्ति पर आघात करे, उससे भी केवल वही एक व्यक्ति मारा जाता है, पर अगर विचार ही भ्रष्ट हो जाए और उसकी समझ में राजा और प्रजा में संभ्रम निर्माण हो तो हे धृतराष्ट्र, उस समय मंत्र-विप्लव की स्थिति पैदा होती है, जिसमें राजा, प्रजा और राष्ट्र-तीनों का नाश हो जाता है।’ यह विदुर ने धृतराष्ट्र से कहा था!
अखण्ड भारत – Akhand Bharat
विभाजन बना रहता है तो भारत गंभीर रूप से अशक्त हो सकता है, विकलांग भी हो सकता है, सदा ही गृह-कलह की संभावना हो सकती है। जिस प्रकार से भी हो, जैसे भी हो, विभाजन समाप्त होना चाहिए। एकता अत्यावश्यक है और प्राप्त की जानी चाहिए, क्योंकि भारत की भावी महानता इसी के गर्भ में छिपी है।
गंगा में विषधर – Snakes in the Ganga : Breaking India 2.0
गंगा में विषधर – Snakes in the Ganga : Breaking India 2.0
भारत की कमजोरियों से जुड़ी असहज सच्चाइयों को उजागर करता है: भारत की अखंडता के विरुद्ध तीव्र संघर्ष एक सुव्यवस्थित वैश्विक तंत्र का परिणाम है, जिसे एक नई विचारधारा संचालित कर रही है। मार्क्सवाद ने अमेरिकी अकादमिक जगत में क्रिटिकल रेस थ्योरी के रूप में पुनर्जन्म लिया है और यह अमेरिका में नस्लवाद को समझने व उससे निपटने के लिए एक ढाँचे के रूप में कार्य करता है।
शारदा सभ्यता, ज्ञान धरोहर – Sharda Sabhyata, Gyan dharohar
शारदा सभ्यता, ज्ञान धरोहर – Sharda Sabhyata, Gyan dharohar
Paperback ; Publisher : Suruchi Prakashan ;
हिन्दू धर्म पर मुसलमानों, ईसाइयों तथा वामपंथियों का का आक्रमण क्यों?
हिन्दू धर्म पर मुसलमानों, ईसाइयों तथा वामपंथियों का का आक्रमण क्यों?
मारिया वर्थ ने अपने तैंतालीस (43) विचारोत्तेजक लेखों के इस संग्रह में वैचारिक संघर्षों से भरी इस दुनिया में भारत के प्राचीन ज्ञान की आध्यात्मिक गहराई, वैदिक दर्शन की शक्ति और सनातन धर्म की प्रासंगिकता पर चर्चा की है।
दिल्ली का हिंदू इतिहास – Delhi ka hindu ithihaas
दिल्ली का हिंदू इतिहास – Delhi ka hindu ithihaas
यह पुस्तक “दिल्ली का हिंदू इतिहास” दिल्ली की ऐतिहासिक स्मृति और सांस्कृतिक पहचान को पुनः समझने का एक गंभीर और गहन शोधपरक प्रयास है।
गोवा का ईसाई न्यायाधिकरण – Goa Inquisition hindi
गोवा का ईसाई न्यायाधिकरण – Goa Inquisition hindi
यह पुस्तक अनंत काकबा जी की पुस्तक “The Goa Inquisition” का हिन्दी रूपांतर है।
टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? – Tipu Sultan Nayak Ya Khalnayak
यह पुस्तक धर्मनिरपेक्षतावादियों के प्रिय नायक ‘टीपू सुल्तान’ के पीछे की वास्तविकता को उजागर करने वाले लेखों का संग्रह है।
मुस्लिम पृथकतावाद कारण और परिणाम – Muslim Separatism(hindi)
यह पुस्तक ऐतिहासिक विवेचन, बौद्धिक स्पष्टता और सांस्कृतिक गहराई से परिपूर्ण है, जो भारत में मुस्लिम पृथकतावाद की वैचारिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जड़ों एवं उसके दूरगामी प्रभावों का गंभीर विश्लेषण करती है।
घर वापसी क्यों और कैसे – Gharwapsi Kyo aur Kaise
घर वापसी क्यों और कैसे – Gharwapsi Kyo aur Kaise
Publisher : Suruchi ; Paperback ; Pages : 156 ; Author : Shree Rajeshwar
गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा – Gow Samvardhan ki Sanatan Vaignanik Parampara
गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा – Gow Samvardhan ki Sanatan Vaignanik Parampara
गौ सम्वर्धन की सनातन वैज्ञानिक परम्परा नामक इस पुस्तक में गौ सम्वर्धन सम्बद्ध विविध तथ्यों का संकलन किया गया है।
इंडिया से भारत एक प्रवास – India se bharat ek pravas
इंडिया से भारत एक प्रवास – India se bharat ek pravas
श्री प्रशांत पोळ की यह पुस्तक भारत की भारतीयता के, स्वाधीन भारत में औपनिवेशिक मानसिकता से चले संघर्ष की समीक्षा है। पाठकों को इसके पठन से, भारत को अपनी शाश्वत नींव पर पक्के खड़े युगानुकूल भारत के रंग-रूप-आकार की अचूक कल्पना करने की दृष्टि तथा उस भारत को साकार करने की शक्ति प्राप्त होगी !
मुद्रा और स्वास्थ्य – Mudra Aur Swastya
भारत के प्राचीन ऋषि मनीषियों ने लम्बी साधना एवं गहन अध्ययन के द्वारा शरीर को स्वस्थ एवं दीर्घायु रखने के लिये विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को विकसित किया। उनमें से “मुद्रा विज्ञान” एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसमें हाथों की अंगुलियों व अँगूठे के उपयोग के द्वारा ही चिकित्सा का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
