अखण्ड भारत – Akhand Bharat

विभाजन बना रहता है तो भारत गंभीर रूप से अशक्त हो सकता है, विकलांग भी हो सकता है, सदा ही गृह-कलह की संभावना हो सकती है। जिस प्रकार से भी हो, जैसे भी हो, विभाजन समाप्त होना चाहिए। एकता अत्यावश्यक है और प्राप्त की जानी चाहिए, क्योंकि भारत की भावी महानता इसी के गर्भ में छिपी है।

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विभाजन बना रहता है तो भारत गंभीर रूप से अशक्त हो सकता है, विकलांग भी हो सकता है, सदा ही गृह-कलह की संभावना हो सकती है। जिस प्रकार से भी हो, जैसे भी हो, विभाजन समाप्त होना चाहिए। एकता अत्यावश्यक है और प्राप्त की जानी चाहिए, क्योंकि भारत की भावी महानता इसी के गर्भ में छिपी है।

Publisher : Archana Prakashan ; Paperback ; Pages : 96 ; Author : Sadanand Sapre

Author

Sadanand Sapre

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