Description
भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन केवल जनसंख्या के आँकड़ों तक सीमित विषय नहीं हैं। इसका प्रभाव राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संरचना, सीमावर्ती क्षेत्रों, आर्थिक संसाधनों, सांस्कृतिक संतुलन तथा भविष्य की नीतियों पर भी पड़ता है। ऐसे परिवर्तनों को समझने, उनका तथ्यपरक अध्ययन करने तथा उनके दीर्घकालिक प्रभावों का निष्पक्ष मूल्यांकन करना समय की जरूरत है।
यह पुस्तक किसी समुदाय, धर्म, विचारधारा अथवा राजनीतिक दृष्टिकोण का समर्थन या विरोध करने के उद्देश्य से नहीं लिखी गई है, बल्कि, इसका उद्देश्य उपलब्ध तथ्यों, ऐतिहासिक संदर्भों, जनसांख्यिकीय आँकड़ों, क्षेत्रीय अध्ययनों तथा विभिन्न शोधों के आधार पर भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का संतुलित एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक स्वयं तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष तक पहुँच सकें।
Paperback ; Author : Kamlesh Singh ; Pages : 156


