वन्देमातरम और इस्लामिक नज़रिया Vande Mataram Aur Islamic Nazariya

सेकूलरिज्म ने देश में किस प्रकार से विकार घोले हैं, इसका सबसे बड़ा उदाहरण वन्दे मातरम् है। एक और जहाँ भारत में असंख्य सेनानियों ने वन्दे मातरम् का उद्घोष करते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया, वहीं सेकूलरिज्म की आड़ में इस्लामपंथी, देशभक्तों की इस शहादत को केवल इसलिए नकार देते हैं कि इस्लाम उन्हें इस बात की इजाजत नहीं देता। इस्लामपंथियों की यह अपमानजनक उपेक्षा देश के भीतर ना केवल अनावश्यक तनाव पैदा करती है अपितु देश के सामुदायिक सौहार्द को भी नष्ट करती है।

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पुस्तक परिचय : ( About the book ) 

सेकूलरिज्म ने देश में किस प्रकार से विकार घोले हैं, इसका सबसे बड़ा उदाहरण वन्दे मातरम् है। एक और जहाँ भारत में असंख्य सेनानियों ने वन्दे मातरम् का उद्घोष करते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया, वहीं सेकूलरिज्म की आड़ में इस्लामपंथी, देशभक्तों की इस शहादत को केवल इसलिए नकार देते हैं कि इस्लाम उन्हें इस बात की इजाजत नहीं देता। इस्लामपंथियों की यह अपमानजनक उपेक्षा देश के भीतर ना केवल अनावश्यक तनाव पैदा करती है अपितु देश के सामुदायिक सौहार्द को भी नष्ट करती है।

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