Description
About the book :
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य आज देशभर में फैला हुआ है। गांव-गांव में और नगर-नगर में उसकी शाखाएं लगती हैं। संघ का कार्य नदी के प्रवाह जैसा अखंड चल रहा है, बढ़ रहा है, और विभिन्न क्षेत्रों को नवजीवन दे रहा है।
जब हम किसी नदी को देखते हैं, तो उसका उगमस्थान देखने की बलवती इच्छा मन में जागती ही है। अपने यहां उसका बहुत अधिक महत्व माना गया है। इसीलिए लोग गंगोत्री, जमनोत्री, अमरकंटक, त्र्यंबकेश्वर आदि स्थानोंपर भक्तिभाव से जाते हैं। यह मनुष्य स्वभाव है।
संघ का विशाल स्वरूप देखने के बाद सहज ही यह जानने की इच्छा होती है कि इसका प्रारंभ कब हुआ? कैसे हुआ ? कौन है वह भगीरथ जो इस स्वर्गीय गंगा को पृथ्वीपर ले आया ?
विशेषतः बालकों में इस बात की उत्सुकता अधिक मात्रा में रहती है । उसे पूर्ण करने के हेतु से ही यह पुस्तक लिखी गयी है। अतः बहुत सुबोध और रोचक ढंग से डा. हेडगेवारजी के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंग यहां चित्रित किये गये हैं। यह जितनी मनोरंजक है, उतनी ही उद्बोधक भी।
Shri Bharati Prakashan ; Paperback ; Hindi


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