Description
जीवन स्वस्थ रहा तो सब कुछ अच्छा रहता है। स्वास्थ्य का सम्बन्ध शारीरिक व मानसिक दोनों से ही है। स्वास्थ्य के लिए श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है – “युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु। युक्तस्वप्नाव बोधस्य योगो भवति दुःख” ॥ 6.17 ।। आहार-विहार सब ठीक रहा तो स्वास्थ्य अच्छा ही रहेगा। केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। आहार-विहार के कुछ नियम है, उन्हें पालन करना आवश्यक है।
Publisher : Suruchi ; Hardcover; Author : Ravi Kumar ; Pages : 156



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