Description
इस पुस्तक के सभी अध्यायों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की ईश्वरीय दिव्यता को साधारण मानव के लिए अनुकरणीय व्यवहार के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। वास्तव में भगवान् श्रीराम ने अपने प्रत्येक क्रियाकलाप में एक श्रेष्ठ मनुष्य की तरह सर्वोत्तम व्यवहार किया है। इसी वजह से उन्हें राष्ट्रनायक, पतित पावन, समाज उद्धारक जैसे सम्बोधनों से पुकारा जाता है
वर्तमान समय में भारत सहित समस्त विश्व के कल्याण के लिए श्रीराम की उन जीवन लीलाओं को व्यवहार में लाना अति आवश्यक है, जो त्रेता युग में स्वयं रघुवर ने प्रकट की थीं।
Author : Narendra Sehgal ;PaperBack
Publisher : Suruchi ; Pages : 121



Reviews
There are no reviews yet.