Description
पुस्तक संक्षिप्त परिचय :
गाय हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है | गाय माता का स्वरुप है जो अपने पुत्रों को अपना सब कुछ दे-देती है | लेकिन आज धन लोलुप हिन्दू संस्कृति के शत्रु गौमाता एवं गोवंश के शत्रु बन बैठे हैं | पूरा देश इन शत्रुओं के विरूद्ध गौमाता की रक्षा के लिए खड़ा है | इस संग्राम पर प्रकाश डालती यह पुस्तक है |
पृष्ठ संख्या – 72


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