Description
About the book :
भारत का इतिहास महान् योद्धाओं, शूरवीरों और क्रांतिकारियों की वीरता और उपलब्धियों के लिए जाना जाता है, जिनके नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है, उनमें वीर पुरषों के साथ कई वीरांगनाओं के नाम भी सम्मिलित हैं !
ऐसी ही प्रतिभाशाली और महान् वीरांगना के रूप में प्रसिद्ध एक गोंडरानी थी, जिनका नाम था दुर्गावती। वही रानी दुर्गावती, जो अपने समय की सबसे बहादुर, साहसी और अद्भुत व्यक्तित्व की धनी थी, जिसने अपने जीवन में कभी पराजय का मुँह नहीं देखा, जिसने किसी भी परिस्थिति में दुश्मन के सामने न तो कभी संधि की और न ही समर्पण। एक ऐसी वीर रानी, जो अपने सतीत्व और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गई।
रानी दुर्गावती को मुगल साम्राज्य के खिलाफ अपने अस्तित्व और अपने राज्य की रक्षा के लिए याद किया जाता है। उनका व्यक्तित्व बहुमुखी प्रतिभा का धनी था। वह अनुपम सुंदर और बहादुर थी, प्रशासनिक कौशल को बारीकी से जानने वाली और एक महान् नेता थी। एक ओर जहाँ अपने राज्य की जनता के लिए वह ममतामयी माँ, पालक और संरक्षक थी। वहीं आततायी दुश्मनों के लिए साक्षात् रणचंडी थी। रानी का व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों ही असाधारण था।
Publisher : Prabhat Prakashan ; Paperback ; Author : Dr.Rekha Nagar ; Pages : 88


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