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हिन्दू ईशॉप अद्यतन : वैशाख मास
- April 22, 2023
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हिन्दू ईशॉप अपडेट
हिन्दू ईशॉप पर नए पुस्तकें
भारत में शिक्षा की राजनीति
दुर्भाग्यवश स्वातंत्र्योत्तर काल में कुछ एक अपवाद छोड़कर अंग्रेजों की मूल शिक्षा नीति में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। आज भी हिंदुस्थान की अस्मिता और सांस्कृतिक राष्ट्रीयता को हानि पहुँचानेवाली शिक्षा नीति कार्यान्वित है ।
इसी संदर्भ में इस प्रबंध में ऊहापोह किया गया|
मैक्समूलर द्वारा वेदो का विकृतिकरण
मैक्समूलर ने अपनी बहुअर्थी लेखनी की आड़ में आजीवन वेदों को विरूपित किया, फिर भी वह अपने को हिन्दू धर्म का हितैषी होने का ढोंग रचता रहा।उसने वेदों का विकृतीकरण क्या, क्यों और कैसे किया ? इन्हीं कुछ प्रश्नों को यहां संक्षेप में विश्लेषण किया जाएगा
आप के लिए कुछ पुस्तकें
पर्यावरण प्रेमी हिंदू दृष्टि
विश्व पृथ्वी दिवस (22-April): पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए एक कार्यक्रम है। पर्यावरण संरक्षण किस प्रकार हिन्दू संस्कृति का अंग बन रहा है, यह जानने के लिए निम्नलिखित पुस्तक को पढ़ें।
नष्ट होते पर्यावरण और बढ़ते प्रदूषण को लेकर आज संपूर्ण संसार सर्वाधिक चिन्तित है। स्वाभाविक रीति से विश्वमंगल की कामना करने वाले हम सब लोगों को भी इस विषय को योग्य प्रकार से समझना आवश्यक है।
पर्यावरण के विषय की समझदारी बढ़ाने के लिए केवल हमको ही नहीं, अपितु संसार के सभी विचारकों, मनीषियों को एक बार प्रामाणिकता के साथ हिन्दू दर्शन हिन्दू दृष्टि, हिन्दू जीवन-विधान, हिन्दू जीवन शैली, हिन्दू व्यवहार शैली, पर्व, परम्पराओं, रीति-रिवाज, तीज-त्यौहार और जीवन के रहे हुए व्यवहार के सम्बन्ध में गहराई से अध्ययन ही नहीं विवेचन और विश्लेषण भी करना चाहिये।
भारतीय ज्ञान का खज़ाना
22nd अप्रैल : परशुराम जयंती (वैशाख शुक्ल तृतीया)
25th अप्रैल : आदिशंकर जयंती & रामानुजाचार्य जयंती (वैशाख शुक्ल पंचमी)
27th अप्रैल : विद्यारण्य स्वामी जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी)
भारतीय ज्ञान परंपरा ऋषियों से आगे बढ़ी। अपनी ही विरासत को जानना ,उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करना और उस परंपरा में प्रयत्नशील होना ही उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि होगी।
दविंची कोड और एंजल्स एंड डेमन्स जैसे विश्वप्रसिद्ध उपन्यास लिखनेवाले डेन ब्राउन का एक उपन्यास है—द लॉस्ट सिंबल। इसमें उपन्यास का नायक अपने विद्वान् और वयोवृद्ध प्राध्यापक से प्रश्न पूछता है—मानव जाति ज्ञान हासिल करने के पीछे लगी है। यह ज्ञान प्राप्त करने का आवेग प्रचंड है। यह प्रवास हमें कहाँ लेकर जाएगा? अगले पचास-सौ वर्षों में हम कहाँ होंगे? और कौन सा ज्ञान हम प्राप्त करेंगे? वे प्राध्यापक, उपन्यास के नायक को उत्तर देते हैं—यह ज्ञान का प्रवास, जो आगे जाता दिख रहा है, वह वास्तव में आगे नहीं जा रहा है। यह तो अपने पूर्वजों द्वारा खोजे हुए समृद्ध ज्ञान को ढूँढ़ने का प्रयास है।
अपने पास प्राचीन ज्ञान का इतना जबरदस्त भंडार है कि आगे जाते हुए हमें वही ज्ञान प्राप्त होनेवाला है। वे प्राध्यापक इस संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हैं। और फिर पीछे मुड़कर जब हम देखते हैं, तो ज्ञान की जो बची-खुची शलाकाएँ दिखती हैं, उन्हें देखकर मन अचंभित सा हो जाता है। इतना समृद्ध ज्ञान हमारे पूर्वजों के पास था…! उसी अद्भुत और रहस्यमयी ज्ञान के कपाट खोलने का छोटा सा प्रयास है यह पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’।
इस्लाम का अंतर दर्शन
इस ग्रंथ में इस्लाम के विभिन्न पहलुओं तथा विभिन्न विषयों के बारे में इस्लाम का दृष्टिकोण दिया गया है। इस्लाम के मूलतत्व तथा इस्लाम के मूल आधार कुरान और अल – हदीस एवं शरीयत की जानकारी ग्रंथ के पहले भाग में है। स्त्री,विवाह, संततिनियमन , काफ़िर, जिहाद, धिम्मी, वक्फ, एवं धर्मत्याग इन आठ विषयों के बाबत इस्लाम की भूमिका तीसरे भाग में प्रतिपादित है।
आर एस एस – प्राथमिक परिचय-४ पुस्तकों का संच
” विजेत्री संघ “ – यह ४ पुस्तकों का संच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विषय में प्राथमिक जानकारी देती है.
संघ का परिचय, दृष्टिकोण तथा विभिन्न विषयों पर ( हिंदी & अंग्रेजी ) में साक्षात्कार इस संच में है. इसके साथ आर एस एस के सर संघचालाक मा. मोहन राव भागवत जी द्वारा २०१८ में दिए गए ३ दिन के व्याख्यानमाल के विषय “भविष्य का भारत” नामक पुस्तक भी इस संच में सम्मिलित है .
४ पुस्तक निम्न प्रकार है :
१. आर एस एस का परिचय – मा.गो. वैद्य जी
२. आर एस एस का दृष्टिकोण
३. आर एस एस साक्षात्कार
४. भविष्य का भारत – मा. डॉ. मोहन राव भागवत जी






