Description
About the book :
भारत का संविधान प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए संविधान का पालन करने और उसके आदर्शों, संस्थाओं और राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रीय गान का सम्मान करने को प्रत्येक नागरिक का पहला और सर्वोच्च मौलिक कर्तव्य बनाता है। ऐसा करने के लिए सबसे पहले हमें अपने संविधान से यह जानना ज़रूरी है कि हम किस प्रकार शासित होते हैं, एक नागरिक के रूप में हमारे लोकतांत्रिक अधिकार व कर्तव्य क्या हैं, आदि। हमारे विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में शिक्षकों व विद्यार्थियों के बीच एक लक्ष्य होना चाहिए कि अंतर्गत वे अपने संविधान में रुचि लेते हुए उसके बारे में अधिक से अधिक जानें।
यह पुस्तिका बहुत ही सरल और सहज भाषा में, विश्व के सबसे बड़े संविधान और उसकी कार्यप्रणाली को बहुत ही संक्षिप्त रूप में समझाने का प्रयास है। साथ ही, यह संविधान से जुड़ी बहुत सी प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास भी करती है।
ISBN : 978-9390961214 ; Pages : 160 ; Paperback ; Vitasta Publication; Language : Hindi
About the Author :
लेखक एक प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ, सलाहकार एवं अधिवक्ता देश के जाने-माने लेखक हैं। इन्होंने देश व विदेश में अनेक उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। लोकसभा के पूर्व महासचिव रह चुके डॉ. काश्यप पद्म विभूषण, कानून में डॉक्टरेट की मानद उपाधि, विश्व हिंदी सम्मान सहित अनेक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों व पुरस्कारों से अलंकृत हैं। वर्तमान में वे नीति अनुसंधान केंद्र में बतौर मानद प्रोफेसर होने के अतिरिक्त इंडियन नेशनल बार एसोसिएशन (INBA) तथा राष्ट्रीय जागृति संस्थान (RJS) के अध्यक्ष हैं। 3 खंडों में कॉन्स्टिट्यूशन लॉ तथा 2 खंडों में संसद का इतिहास के अतिरिक्त उनकी हाल की कृति हैं- स्टेट ऑफ द नेशन तथा वी, द पीपल एंड कॉन्सट्टीयूशन। इनकी सौ से अधिक कृतियों में से 45 हिंदी में हैं।


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